आखिर क्यों मिली गोवा को 14 साल बाद आजादी

 जानें क्यों भारत की आज़ादी के 14 साल बाद गोवा को पुर्तगालियों से आज़ादी मिली?

19 दिसंबर 1961
भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गोवा के लोगों को 'गोवा मुक्ति दिवस' (Goa Liberation Day) पर शुभकामना दी, जो हर साल 19 दिसंबर को मनाया जाता है. आइये इस लेख से जानते हैं कि कैसे भारत की आजादी के 14 साल बाद गोवा को पुर्तग़ालियों के शासन से आज़ादी मिली थी.


हर साल 19 दिसंबर को 'गोवा मुक्ति दिवस' (Goa Liberation Day) मनाया जाता है. यूं तो भारत को 1947 में आज़ादी मिल गई थी, लेकिन 14 साल बाद गोवा को पुर्तगालिय शासन से इसी दिन 1961 में मुक्त कराया गया था. आइये जानते हैं कैसे?


राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद राज्य के मुक्ति दिवस पर गोवा का दौरा किया और उन्होंने औपनिवेशिक पुर्तगाली शासन के लगभग 450 वर्षों से मुक्ति के गोवा के 60वें वर्ष की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन किया. भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी गोवा के लोगों को 'गोवा मुक्ति दिवस' (Goa Liberation Day) पर शुभकामना दी. 


प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “गोवा मुक्ति दिवस के विशेष अवसर पर गोवा के मेरे भाईयों और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं. हम गौरव के साथ उन लोगों की बहादुरी का स्‍मरण करते हैं जिन्‍होंने गोवा को मुक्‍त कराने के लिए कड़ी मेहनत की. आने वाले वर्षों में राज्‍य की निरंतर प्रगति की कामना करता हूं.”


आइये अब अध्ययन करते हैं कि कैसे गोवा को पुर्तगालियों के शासन से आज़ादी मिली थी?

1510 में पुर्तगाली भारत में आये थे और उन्हनें पश्चिमी तट के कई क्षेत्रों में अपना आधिपत्य स्थापित किया था. पुर्तगालियों ने 19वीं शताब्दी के अंत तक गोवा, दमन, दिउ, दादरा, नगर हवेली और अन्जेदिवा द्वीप पर कब्ज़ा कर लिया था. जैसा कि भारत ने 15 अगस्त, 1947 को स्वतंत्रता प्राप्त की, इसके बाद सरकार ने गोवा को भारत में शामिल करने के लिए  पुर्तगालियों से बातचीत का मार्ग चुना लेकिन यह सफल ना हो सका.


गोवा मुक्ति आंदोलन छोटे पैमाने पर विद्रोह के साथ शुरू हुआ, लेकिन 1940 से 1960 के बीच यह अपने चरम पर पहुंच गया था. 1961 में, पुर्तगालियों के साथ राजनयिक प्रयासों की विफलता के बाद, भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय की शुरुआत की और 19 दिसंबर को दमन और दीव और गोवा को भारतीय मुख्य भूमि में शामिल किया. यहीं आपको बता दें कि ऑपरेशन में भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना शामिल थे. भारत ने 19 दिसंबर, 1961 को गोवा क्षेत्रों को पुनः प्राप्त किया. गोवा के तत्कालीन गवर्नर मैनुअल एंटोनियो वासलो ई सिल्वा (Manuel Antonio Vassallo e Silva) ने पुर्तगाली शासन को समाप्त करने के लिए आत्मसमर्पण के प्रमाण पत्र पर हस्ताक्षर किए.


30 मई 1987 को, इस क्षेत्र का विभाजन हुआ और गोवा का गठन हुआ. दमन और दीव एक केंद्र शासित प्रदेश रहे. इसलिए, 30 मई को गोवा के राज्य दिवस के रूप में मनाया जाता है.


आइये अब गोवा के बारे में कुछ अन्य तथ्यों को अध्ययन करते हैं 

राजधानी: पणजी

भाषा: कोंकणी

क्षेत्रफल: 3702 km2

यह कोंकण के रूप में जाना जाने वाले क्षेत्र के भीतर भारत के दक्षिण-पश्चिमी तट पर स्थित है, और भौगोलिक रूप से पश्चिमी घाटों द्वारा दक्खन उच्चभूमि से अलग है.

यह महाराष्ट्र के उत्तर और पूर्व और दक्षिण में कर्नाटक से घिरा हुआ है, अरब सागर इसके पश्चिमी तट का निर्माण करते हैं.

गोवा की जनसंख्या: 785140 पुरुषों और 719405 महिलाओं के साथ 1458545 है. 1991 से 2000 के दौरान 14.8 प्रतिशत की वृद्धि, 1981 से 1990 के दौरान दर्ज 16.08 प्रतिशत से कम है.

गोवा में लिंगानुपात (प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या) 1991 में 967 की तुलना में 973 है. 

गोवा में प्रति वर्ग किमी जनसंख्या घनत्व 2001 में 316 की तुलना में 2001 में 364 है.

दक्षिण गोवा (300) की तुलना में उत्तरी गोवा में घनत्व अधिक (437) है.  राष्ट्रीय आंकड़ा 324 है.

साक्षरता दर 80 फीसदी है. 83.3 फीसदी पुरुष और 76.4 फीसदी महिलाएं साक्षर हैं. 


नदियां (Rivers)

राज्य से होकर बहने वाली प्रमुख नदियाँ मांडोवी (Mandovi), ज़ुरी (Zuari), तेरखोल (Terekhol), छपोरा (Chapora) और बैतूल (Betul) हैं. अन्य प्रमुख नदियों में तिराकोल (Tiracol),  साल (Sal) और तलपोना (Talpona) शामिल हैं.


जंगल (Forests)

राज्य में कुल क्षेत्रफल का लगभग एक-तिहाई कवर 1,424 वर्ग किलोमीटर से अधिक का वन क्षेत्र है. वन महत्वपूर्ण उत्पाद प्रदान करते हैं जैसे कि बांस, मराठा छाल, चिलर छाल और भिरंड. ग्रामीण लोगों के लिए इसका आर्थिक मूल्य हैं. ऊपरी क्षेत्रों को छोड़कर लगभग पूरे गोवा में नारियल के पेड़ पाए जाते हैं. गोवा की वनस्पतियों में काजू, आम, कटहल और अनानास भी शामिल हैं.


खनिज पदार्थ (Minerals)

गोवा खनिज संसाधनों में समृद्ध है. प्रमुख खनिजों में लौह अयस्क, मैंगनीज, फेरो-मैंगनीज, बॉक्साइट और सिलिका रेत शामिल हैं. लौह और मैंगनीज खनन उद्योग गोवा की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं.


वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान:

डॉ. सलीम अली पक्षी अभयारण्य (Dr Salim Ali Bird Sanctuary)

म्हादेई वन्यजीव अभयारण्य (Mhadei Wildlife Sanctuary)

नेत्रावली वन्यजीव अभयारण्य (Netravali Wildlife Sanctuary)

कोटिगाओ वन्यजीव अभयारण्य (Cotigao Wildlife Sanctuary)

भगवान महावीर अभयारण्य (Bhagwan Mahaveer Sanctuary)

मोल्लेम नेशनल पार्क (Mollem National Park)


तो अब आपको ज्ञात हो गया होगा की कैसे गोवा को पुर्तगालियों के शासन से भारत की आज़ादी के 14 साल बाद आज़ादी मिली थी और साथ ही गोवा के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य.

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