महान स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह :-
1940 में, उधम सिंह ने माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) की गोली मारकर हत्या कर दी थी जो कि एक औपनिवेशिक अधिकारी था जिसे जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए जिम्मेदार माना जाता है. इसी के कारण 1,000 से अधिक पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने अपनी जान गंवा दी थी और 1,200 से अधिक घायल हुए थे.
''अपनी मातृभूमि की खातिर मृत्यु से ज्यादा बड़ा सम्मान मेरे लिए क्या हो सकता है? -उद्धम सिंह''
आइये अब उधम सिंह के बारे में विस्तार से अध्ययन करते हैं :-
उधम सिंह का जन्म 26 दिसंबर, 1899 को भारत के पंजाब के संगरूर जिले में, सरदार टहल सिंह जम्मू (Tehal Singh Jammu) और माता नारायण कौर (Mata Narain Kaur) के घर हुआ था. उनके पिता एक किसान थे और उपाली गाँव में रेलवे क्रॉसिंग वाचमैन के रूप में भी काम किया करते थे. अपने पिता की मृत्यु के बाद, उधम सिंह और उनके बड़े भाई मुक्ता सिंह की परवरिश सेंट्रल खालसा अनाथालय पुतलीघर (Central Khalsa Orphanage Putlighar) अमृतसर में हुई थी. वर्ष 1918 में, उधम सिंह ने अपनी मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्ष 1919 में अनाथालय छोड़ दिया.
वह एक राजनीतिक कार्यकर्ता थे जो अमेरिका में रहते हुए ग़दर पार्टी से जुड़े हुए थे. ऐसा माना जाता है कि यह एक बहु-जातीय पार्टी थी जिसकी कम्युनिस्ट प्रवृत्ति थी और इसकी स्थापना 1913 में सोहन सिंह भकना (Sohan Singh Bhakna) द्वारा की गई थी.
कैलिफोर्निया में इसका मुख्यालय था. यह पार्टी भारत से अंग्रेजों को हटाने के लिए प्रतिबद्ध थी. 1934 में, उधम सिंह ने माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) की हत्या करने के उद्देश्य से लंदन में अपना रास्ता बनाया, जो 1919 में पंजाब के उपराज्यपाल रहे थे और उधम सिंह ने माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) को जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए जिम्मेदार माना था.
13 मार्च, 1940 को, माइकल ओ'डायर लंदन के कैक्सटन हॉल (Caxton Hall) में ईस्ट इंडिया एसोसिएशन और सेंट्रल एशियन सोसाइटी (वर्तमान में, रॉयल सोसाइटी फॉर एशियन अफेयर्स) (Central Asian Society, at present, Royal Society for Asian Affairs) की एक संयुक्त बैठक में बोलने वाले थे. उधम सिंह ने अपने जैकेट की जेब में एक रिवाल्वर छुपाया और बैठक क्षेत्र में प्रवेश किया. बैठक समाप्त होने के बाद, उधम सिंह ने मंच की ओर बढ़ना शुरू किया और माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) को दो बार गोली मार कर हत्या कर दी.
माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) के अलावा, इस घटना में घायल हुए अन्य लोग भी थे - लुइस डेन (Louis Dane), लॉरेंस डंडास (Lawrence Dundas), ज़ेटलैंड के 2 मर्क्यूस (2nd Marquess of Zetland), और चार्ल्स कोचरन-बैली (Charles Cochrane-Baillie), 2nd बैरन लैमिंगटन (2nd Baron Lamington). ऊधम सिंह को अधिकारियों ने माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) की हत्या के लिए तुरंत गिरफ्तार कर लिया था और ब्रीक्सटन जेल (Brixton prison) भेज दिया था. जेल में, सिंह ने भारत की आजादी की लड़ाई में हिंदू-सिख-मुस्लिम एकता का प्रतीक होने के लिए लगभग 36 दिनों की भूख हड़ताल और पुलिस के बयानों में और अदालत में खुद को मोहम्मद सिंह आजाद के रूप में संदर्भित किया. उन्हें मौत की सजा सुनाई गई और 31 जुलाई, 1940 को पेंटोनविले जेल (Pentonville Prison) में उन्हें फांसी दे दी गई.
1974 में, उनके अवशेषों को भारत वापस भेज दिया गया और उनका सुनाम (Sunam) में उनके गाँव में अंतिम संस्कार कर दिया गया.
ऊधम सिंह का स्टेचू जलियांवाला बाग और संसद परिसर में स्थापित करने की पिछले कुछ वर्षों में कई मांगें की गई. जुलाई 2018 में, पंजाब के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा (Prem Singh Chandumajra) ने मांग की कि उनके portrait को संसद में रखा जाए. 2018 में, इस मांग का एक हिस्सा तब पूरा हुआ जब बैसाखी के दौरान जलियांवाला बाग में उनका स्टेचू स्थापित किया गया. उत्तराखंड में उधम सिंह नगर जिले का नाम इसी स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर रखा गया है.
तो अब आपको स्वतंत्रता सेनानी उधम सिंह के बारे में ज्ञात हो गया होगा और साथ ही ग़दर पार्टी और कैसे उन्होंने माइकल ओ'डायर (Michael O’Dwyer) की हत्या की जिसे उन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए जिम्मेदार माना था.

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